मध्य प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त भोपाल का जिला पंचायत झाबुआ को सख्त निर्देश गरीब तबके को दी जाने वाली योजना प्रधानमंत्री आवास योजना मामले में जिला पंचायत झाबुआ करें संबंधित लोक सूचना अधिकारी बामनिया को कारण बताओ सूचना पत्र जारी

पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

 

पेटलावद विकासखंड की चर्चित ग्राम पंचायत बामनिया के सरपंच और सचिव द्वारा केंद्र तथा मध्यप्रदेश शासन की जनकल्याणकारी योजना मैं वित्तीय वर्ष 2017-18 से लगाकर लगातार वित्तीय वर्ष 2022-23 तक की हर गरीब तबके के लिए बनी योजनाओं में आर्थिक अनियमितता और फर्जीवाड़ा किया जा रहा है ऐसे ही एक मामले में मध्य प्रदेश के राज्य मुख्य सूचना आयुक्त ए.के.शुक्ला भोपाल द्वारा राइट टु इनफॉरमेशन (सूचना का अधिकार 2005) की धारा 19 (3) के अंतर्गत जिला पंचायत झाबुआ को सख्त निर्देश दिए गए जिसमें ग्राम पंचायत बामनीया के तत्कालीन सचिव एवं वर्तमान सचिव के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आरटीआई कार्यकर्ता और समाचार प्रतिनिधि द्वारा मांगी गई जानकारी के संबंध में संतोषजनक जवाब राज्य सूचना आयोग भोपाल में नहीं देने संपूर्ण जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के चलते कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के लिए कहा गया है साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के भी आदेश जारी किए गए हैं जिनकी अंतिम पेसी दिनांक 3/11/ 2022/ को राज्य सूचना आयोग भोपाल में व्यक्तिगत रूप से निर्धारित की गई है

राइट टू इनफार्मेशन में धारा 20(1) और धारा 20(2) में कार्रवाई प्रस्तावित

मध्य प्रदेश राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त ए.के.शुक्ला द्वारा स्पष्ट तौर पर अपने आदेश में लिखा गया है कि ग्राम पंचायत बामनीया के सचिव को सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) धारा 19 (1) एवं धारा 19(3) में जानकारी के संबंध में निर्देश देने के बाद भी शासकीय योजनाओं से जुड़ी लोकहित में मांगी गई जानकारी के संबंध में वर्तमान सचिव एवं तत्कालीन सचिव द्वारा लोगों की समस्याओं का समय पर नीराकरण नहीं किया जा रहा है इसलिए संबंधित लोक सूचना अधिकारी सचिव पर धारा 20(1) के अंतर्गत शास्ति अधिरोपित करने अथवा धारा 20 (2) के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं

मुन्ना अरड़ और बाबूलाल कटारा के खिलाफ आयोग का नोटिस जारी

ग्राम पंचायत बामनीया के खिलाफ जिला पंचायत झाबुआ को दिए गए निर्देश में राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त भोपाल द्वारा ग्राम पंचायत के तत्कालीन एवं वर्तमान सचिव मुन्ना अरड़ और (बाबूलाल कटारा जिनके पास में वित्तीय अधिकार भी नहीं है) उनको भी आयोग भोपाल द्वारा नोटिस जारी किया गया जब कि प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए भ्रष्टाचार के मामले में एक और तत्कालीन सचिव इस बड़े स्कैंडल में शामिल है उस पर भी गाज गिरना लगभग तय है

रिकॉर्ड नहीं तो होगी f.I.R. दर्ज

आरटीआई एक्टिविटीज और समाचार प्रतिनिधि द्वारा माननीय राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त भोपाल से अपना जवाब पैश कर मांग की गई है कि केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा गरीब तबके के लिए मापदंड के अनुसार पात्र तथा अपात्र हितग्राहियों के लिए नियम बनाकर योजनाएं संचालित की थी अगर मापदंड के अनुसार संबंधित लोक सूचना अधिकारी सचिव एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा गरीब तबके के व्यक्तियों के लिए शासन द्वारा बनाए गए सर्कुलर अनुसार रिकॉर्ड बना करके कार्य नहीं किया गया है तो इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 166 ए- धारा -167- धारा-168- धारा -420 और धारा-471 के तहत कार्रवाई के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव भोपाल को आदेश दिए जाए और पुलिस में प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज करवाई जाए

 

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